Thursday, 16 October 2014

ब्रेन ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम

हाल ही में, ब्रेन ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम में अनुसंधान के लिए नोबल पुरस्कार की घोषणा की गई. नोबल पुरस्कार विजेता जॉन ओ कैफी, मै–ब्रिट मूजर और एडवर्ड मूजर ने मस्तिष्क छवि तकनीक (ब्रेन इमेजिंग टेक्नीक) की पड़ताल के साथ न्यूरो-सर्जरी करा रहे मरीजों पर भी अध्ययन किया.
वैज्ञानिकों ने इस बात के सबूत दिए कि मनुष्यों में भी प्लेस और ग्रिड सेल्स होती हैं. अलजाइमर के मरीज में हिप्पोकैम्पस और इटोर्हिनल कोर्टेक्स प्रारंभिक चरण में अक्सर प्रभावित होते हैं और ये व्यक्ति अक्सर अपनी बात भूल जाते हैं और वातावरण को पहचान नहीं पाते.ब्रेन पोजिशनिंग सिस्टम के बारे में जानकारी इसलिए हमें इस बीमारी से प्रभावित लोगों के विनाशकारी स्थानिक स्मृति हानि को समझने में मदद कर सकती है.ब्रेन पोजिशनिंग सिस्टम की खोज कैसे उच्च संज्ञानात्मक कार्यों को निष्पादित करने के लिए विशेष कोशिकाओं की टुकड़ियों एक साथ काम करती हैं, के बारे में हमारी समझ को बदलती है. इसने अन्य संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं जैसे स्मृति, सोच और योजना के बारे में समझ के नए रास्ते खोल दिए हैं.चूहे के दिमाग में कोशिकाओं की खोज एक अंतरनिहित नेविगेशन प्रणाली की तरह काम करता है जो यह बताता है कि पशुओं को कैसे पता चलचा है कि वे कहां हैं, वे कहां जा रहे हैं और वे कहां गए थे. वे उन्हें ग्रिड सेल्स कहते हैं.
अक्सर, हमारे विचारों को उत्पादित करने वाले अरबों न्यूरॉन्स काम करते हैं, अपारदर्शी हैं. लेकिन ग्रिड सेल्स के जरिए एक फ्रेमवर्क के साथ संकेतों की इलेक्ट्रिकल रिकॉर्डिंग का एक मैप दिखाता है और बताता है कि वे पूरी तरह सहज हैं.
खोज का अनुमान
खोज का अनुमान व्यावहारिक और गहन दोनों ही है. ये कोशिकाएं प्राइमेट में मौजूद हैं ये साबित हो चुका है और वैज्ञानिकों की सोच है कि वे मनुष्यों के साथ–साथ सभी स्तनधारियों में पाया जाएगा.
स्पष्ट है कि मस्तिष्क के निर्देशों को समझने वाली कोशिकाओं के साथ ग्रिड कोशिकाएं और अन्य कोशिकाएं जो सीमाओं या सीमाओं को समझ सकते हैं– अन्य प्रयोगशालाओं द्वारा दोनों मूल रूप से मस्तिष्क के अन्य भागों में पहचाने गए हैं– एक प्रकार का डेड–रेकनिंग नेविगेशन सिस्टम बनाता है जो उस क्षण की मैपिंग करता है.
मस्तिष्क के इस हिस्से से सूचना हिप्पोकैम्पस में जाती है और फिर वापस आती है. ठीक उसी प्रकार जैसे ग्रिड प्लेस सेल्स को सूचित करता है और इसके विपरीत, ज्ञात नहीं है.
अब वैज्ञानिकों के पास एक प्रणाली के दो छोर हैं जिसके बीच में एक ब्लैक बॉक्स है और वह पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है. एक छोर पर प्लेस सेल्स हैं. दूसरे छोर पर ग्रिड सेल्स हैं. बीच में, वास्तव में क्या होता है और कैसे ग्रिड सेल्स पहले स्थान पर बनता है.

No comments:

Post a comment