Wednesday, 18 September 2013

सोलर एनर्जी से चलने वाले घरेलु उपकरण

नेहा जैन/ राकेश कुमार झा
सोलर एनर्जी पर विशेष
बिजली की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी के घरेलू बजट को बिगाड़कर रख दिया है। ऐसे में सोलर एनर्जी लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प बनकर उभरी है। इसकी मदद से न केवल बिजली का बिल कम किया जा सकता है, बल्कि ग्रिड एनर्जी से निर्भरता भी घटाई जा सकती है। यह पर्यावरण और सेहत के लिए भी अनुकूल है। सोलर एनर्जी से चलने वाले प्रॉडक्ट्स की पूरी जानकारी दे रही हैं नेहा जैन :

क्या है सोलर एनर्जी
अभी तक सूरज की गर्मी में जहां कपड़े, पापड़ आदि ही सुखाए जाते थे, वहीं अब इससे बिजली की सप्लाई भी मुमकिन हो रही है। सोलर पैनल द्वारा सोलर एनर्जी को बिजली में बदल दिया जाता है। इसके लिए पैनल को छत पर रखा जाता है, जहां उस पर सूरज की सीधी धूप आती हो। गौरतलब है कि अपने देश में लगभग 250-300 दिन सूरज निकलता है जिसके कारण यहां सोलर एनर्जी की बहुत ज्यादा संभावनाएं हैं।



सोलर एनर्जी पर चलने वाले कुछ उपकरण
सोलर एनर्जी पर आधारित प्रॉडक्ट्स सूरज के होने पर बिजली पैदा करते हैं। कड़ी धूप में ये तेजी से काम करते हैं, जबकि कम धूप होने पर इनकी कार्य क्षमता भी कम हो जाती है। बारिश के दिनों में ये काम नहीं करते, लेकिन उस स्थिति से निपटने के लिए ज्यादातर प्रॉडक्ट्स में ग्रिड से बिजली प्राप्त करने का विकल्प भी होता है यानी इन्हें बिजली से चलाया जा सकता है। यहां हम आपको सोलर एनर्जी से चलने वाले ऐसे ही कुछ प्रॉडक्ट्स की जानकारी दे रहे हैं। इनका इस्तेमाल करने से आप अपने बिजली बिल को कम करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं।

1. गार्डन व स्ट्रीट लाइट
सोलर एनर्जी से चलने वाली तमाम तरह की गार्डन व स्ट्रीट लाइट बाजार में उपलब्ध हैं।

फायदे
अगर आपके घर के बाहर गार्डन है तो आप सोलर एनर्जी से चलने वाली गार्डन लाइट का प्रयोग कर सकते हैं, जो किफायती होने के साथ-साथ बहुत उपयोगी भी हैं। यह लाइट दिनभर चार्ज होने के बाद रात को 5-6 घंटे जलती है। इसके अलावा, बाजार में सोलर एनर्जी से चार्ज होने वाली स्ट्रीट लाइट भी उपलब्ध हैं जो दिनभर चार्ज होने के बाद शाम को जल जाती हैं और सुबह तक जलती रहती हैं। गार्डन लाइट 2 साल तक चल जाती हैं और स्ट्रीट लाइट 10 से 15 साल चलती है।

काम करने का तरीका
ये लाइट्स दिनभर सूरज की रोशनी से चार्ज होती रहती हैं और फिर रात के वक्त इस ऊर्जा का उपयोग करके जल जाती हैं।

कीमत
गार्डन लाइटः 250-350 रुपये
स्ट्रीट लाइटः 11,500-13,500 रुपये

2. सोलर कुकर
एलपीजी के बढ़ते दामों से जेब पर पड़ रहे बोझ को कम करने के लिए सोलर कुकर का इस्तेमाल किया जा सकता है। सोलर कुकर दो तरह के होते हैं: बॉक्स टाइप और डिश टाइप। अगर घर में कम मेंबर हैं मसलन तीन से चार मेंबर, तो बॉक्स टाइप कुकर का इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि डिश टाइप सोलर कुकर उन घरों में फायदेमंद है जहां रोजाना 12 से 15 लोगों का खाना बनता है। इसमें आप तलने का काम भी कर सकते हैं।

सोलर कुकर का इस्तेमाल ज्यादा आसान और सुविधाजनक होता है। इसमें दालों, चावल, राजमा व सब्जियों आदि को उबाला जा सकता है। इसके अलावा केक आदि भी बेक किए जा सकते हैं। मूंगफली और पॉपकॉर्न आदि भी भूने जा सकते हैं। इसमें नॉनवेज भी उबाला जा सकता है। इसमें आपको कोई मेहनत नहीं करनी पड़ती। बस जो पकाना है, उसे सुबह रखकर छोड़ दीजिए, यह खुद पकता रहेगा। यह वर्किंग लोगों के लिए भी काफी कारगर है। सुबह काम पर जाने से पहले इसमें खाना रख दें। वापस आकर आपको वह गर्मागर्म मिलेगा क्योंकि पकने के बाद यह हॉटकेस का काम करता है।

कैसे काम करता है
सोलर कुकर में खाने की चीज उबालने के लिए इसे सूरज की रोशनी में रख देते हैं। इसके बाद इसमें जो भी पकाना है, उसे डाल देते हैं। 3-4 घंटे में खाना बन जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसमें बना खाना पौष्टिक और स्वादिष्ट होता है क्योंकि वह धीरे-धीरे बनता रहता है। यह दाम में भी किफायती है। इसकी कीमत और आम कुकर की कीमत में ज्यादा फर्क नहीं है। इसकी लाइफ ज्यादा होने के कारण यह लंबे समय तक एलपीजी में बचत करता है। सोलर कुकर 20 से 25 साल चल जाता है।

कीमत
सोलर कुकरः 4000-4500 रुपये
आम कुकरः 2000-3000 रुपये

3. सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम
भारत में लॉन्च हुए सोलर प्रॉडक्ट्स में यह सबसे पुराना है। घर में 100-300 लीटर का सिस्टम काफी रहता है। इससे ज्यादा क्षमता वाले सिस्टम होटल, गेस्ट हाउस, हॉस्पिटल आदि में लगाए जा सकते हैं। इस सिस्टम की खासियत यह है कि इसे एक बार खरीद लेने के बाद इस पर कोई खर्च नहीं करना पड़ता। आजकल ऐसे सोलर हीटिंग सिस्टम भी आ रहे हैं जिनमें बिजली के एलिमेंट्स लगे होते हैं। ऐसे में ये सोलर एनर्जी उपलब्ध न होने पर ग्रिड एनर्जी का प्रयोग भी कर सकते हैं। दक्षिण भारत में लोग इसका खूब इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन उत्तर भारत में इसका प्रचलन आमतौर पर नहीं है।

इसका इस्तेमाल पानी गर्म करने के लिए किया जाता है। सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम से हुए गर्म पानी का इस्तेमाल नहाने, कपड़े धोने, खाना पकाने, बर्तन साफ करने जैसे कामों में किया जा सकता है। सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम की लाइफ सबसे ज्यादा होती है और कुछ ही साल में इसकी लागत को वसूला जा सकता है। 100 लीटर तक का वॉटर हीटिंग सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक गीजर को रिप्लेस कर सकता है और इससे सालाना लगभग 1500 यूनिट बिजली बचाई जा सकती है। इसके अलावा यह हर साल 1.5 टन कार्बन डायऑक्साइड के उत्सर्जन को रोक सकता है। 20-25 साल तक होती है इनकी लाइफ।

कैसे काम करता है
सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम को छत पर लगाया जाता है। इसके अलावा, फ्लैटों में इसे छत पर या खिड़की पर भी लगाया जा सकता है। गर्म पानी सिस्टम में ही मौजूद टैंक में स्टोर होता है जो सोलर एनर्जी उपलब्ध न होने पर भी लगभग 24 घंटों तक गर्म बना रहता है। इसमें कॉपर प्लेट लगी होती है जिससे पानी तेजी से गर्म होता है।

कीमत
100 लीटर क्षमता वाले सिस्टम (दो व्यक्तियों के लिए यूजफुल): 30,000 रुपये
250 लीटर क्षमता वाले सिस्टम (5-6 व्यक्तियों के लिए यूजफुल) : 80,000 रुपये

4. सोलर गीजर
पानी गर्म करने के लिए सोलर गीजर का उपयोग किया जा सकता है। सोलर गीजर का इस्तेमाल कर बिजली के बिल में काफी कटौती की जा सकती है क्योंकि बिजली से चलने वाले गीजर में बिजली बहुत लगती है। सोलर गीजर पर सरकार की ओर से 30 फीसदी की सब्सिडी भी दी जाती है, लेकिन यह तीन महीने बाद मिलती है। सब्सिडी के लिए सोलर गीजर खरीदते समय अप्लाई किया जाता है जिसके तीन महीने बाद सरकार से चेक मिल जाता है।

इसमें एक ट्यूबलाइट लगी होती है जो पानी गर्म करती है। सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम और इसमें इस ट्यूबलाइट का ही अंतर है। सोलर गीजर में पानी वॉटर हीटिंग सिस्टम की अपेक्षा धीरे गर्म होता है लेकिन यह उससे सस्ता पड़ता है। 5-6 लोगों के घर के लिए लगभग 250 लीटर का गीजर ठीक रहता है। इसमें एक अतिरिक्त बैकअप रॉड भी आती है जो टैंक में पानी 2-3 दिन तक गर्म रख सकती है। इसकी लाइफ 15-20 साल तक होती है।

कीमत
100 लीटर क्षमता वाला गीजर (दो व्यक्तियों के लिए) : 14,500 रुपये
250 लीटर क्षमता वाला गीजर (5-6 व्यक्तियों के लिए) : 40,000 रुपये
बैकअप रॉड : 2000 रुपये

5. सोलर इन्वर्टर
भारत में बिजली जाने की समस्या आम है। सोलर इन्वर्टर ऐसे क्षेत्रों के लिए बहुत उपयोगी हैं। सोलर इन्वर्टर के जरिये ग्रिड से चलने वाले इन्वर्टर से आने वाले बिल से बचा जा सकता है। इनका इस्तेमाल रोजाना भी किया जा सकता है जिससे बिजली का बिल बच सके।

आमतौर पर घरों में लगभग 1 किलोवॉट के इन्वर्टर का इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे 6 लाइट, 4 पंखे, 1 कंप्यूटर और 1 टीवी को 8 घंटों तक चलाया जा सकता है। इससे कम क्षमता का इन्वर्टर प्रयोग करना है तो 650 वॉट के इन्वर्टर का प्रयोग किया जा सकता है जिसमें 2 पंखे, 2 सीएफएल व 1 टीवी सेट चलाया जा सकता है। सोलर इन्वर्टर के सोलर मॉड्यूल की लाइफ तो लम्बी होती है लेकिन इसकी बैटरी को 4-5 साल में बदला जाता है। आजकल सोलर इन्वर्टर ग्रिड समर्थित भी आते हैं जिन्हें सोलर एनर्जी न मिलने पर ग्रिड एनर्जी से भी चार्ज किया जा सकता है। वैसे सोलर एनर्जी से चार्ज करने पर यह लंबे समय तक चलते हैं। सोलर मॉड्यूल की लाइफ 20-25 साल होती है।

कीमत
650 वॉट सोलर इन्वर्टर : 30,000 रुपये
1 किलोवॉट सोलर इन्वर्टर: 60,000 रुपये

कुछ और प्रॉडक्ट्स

होम लाइट सिस्टम
होम लाइट सिस्टम में 2 बल्ब, 1 पंखा, मोबाइल चार्जर व सोलर पैनल होता है। इसके साथ ही एक सिस्टम आता है, जो सोलर पैनल से मिलने वाली ऊर्जा को स्टोर करता है। दिनभर चार्ज होने के बाद बल्ब और पंखे 5-6 घंटे चल जाते हैं। होम लाइट सिस्टम का शहरों में कम इस्तेमाल होता है, लेकिन गांवों में इसकी बहुत मांग है। इसकी कीमत 4200-11000 रुपये है, जो पंखे के साइज व पैनल की क्षमता पर निर्भर है।

सोलर लालटेन
बाजार में कई तरह की सोलर लालटेन उपलब्ध हैं जो दिनभर सोलर एजर्जी से चार्ज होने पर 5-6 घंटे तक का बैटरी बैकअप देती हैं। आजकल सोलर लालटेन के साथ मोबाइल चार्जर का भी विकल्प है। बाजार में उपलब्ध सोलर एनर्जी के साथ ही ग्रिड से चार्ज होने वाली सोलर लालटेन भी उपलब्ध हैं। ये डेढ़ से दो साल चल जाती हैं। इसकी कीमत 2000 रुपये है।

सोलर टॉर्च
सोलर एनर्जी से चलने वाली टॉर्च में रेडियो, ब्लिंकर व मोबाइल चार्जर भी अटैच मिलता है। इसकी कीमत लगभग 1400 रुपये है और यह डेढ़ से दो साल चल जाती है।

मोबाइल चार्जर
सोलर एनर्जी से चलने वाले मोबाइल चार्जर भी बाजार में उपलब्ध हैं। इनके साथ मोबाइल के कनेक्टर भी मिलते हैं। बाजार में इसके दो विकल्प हैं: एक बैटरी के साथ और एक बिना बैटरी का चार्जर। बैटरी वाले चार्जर से किसी भी समय कहीं भी मोबाइल चार्ज कर सकते हैं, जबकि बिना बैटरी वाले चार्जर से मोबाइल चार्ज करने के लिए धूप का होना जरूरी है। रोजमर्रा की जिंदगी के अलावा सफर करते समय इन चार्जरों का इस्तेमाल किया जा सकता है। बैटरी वाले चार्जर की कीमत 950 रुपये और बिना बैटरी के चार्जर की कीमत 550 रुपये है। ये पांच साल तक चल जाते हैं।

कहां से खरीदें
आपके शहर के इलेक्ट्रॉनिक मार्केट में सोलर प्रॉडक्टस की तमाम दुकानें हैं। इसके अलावा तमाम सोलर प्रॉडक्ट्स के डीलर ऑनलाइन भी सामान बुक कर रहे हैं। इसमें सामान को आपके घर पर ही डिलिवर कर दिया जाता है। सोलर एनर्जी से चलने वाले एयरकंडिशनर, टीवी, फ्रिज आदि का निर्माण भी किया जा चुका है, लेकिन वे अभी यहां उपलब्ध नहीं हैं। इस दिशा में जल्दी काम होने की उम्मीद है और इससे बिजली के बिल से और ज्यादा राहत मिलेगी। सोलर प्रॉडक्ट्स के विक्रेता राजू ने बताया कि इन उत्पादों की ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत मांग है क्योंकि वहां बिजली आपूर्ति नहीं है। धीरे-धीरे शहरों में भी इनकी मांग बढ़ रही हैं और जितनी तेजी से बिजली के दाम बढ़ रहे हैं, आने वाले दिनों में लोग सोलर प्रॉडक्ट्स जरूर अपनाएंगे।

आसानी से मिलें ऐसे प्रॉडक्ट्स
घरेलू स्तर पर सोलर प्रॉडक्ट्स को अपनाकर बिजली की काफी बचत की जा सकती है, लेकिन इस बारे में लोगों को ज्यादा जानकारी न होने के कारण इनका प्रयोग बहुत कम हो रहा है। सोलर एनर्जी से चलने वाले प्रॉडक्ट्स की बाजार में बहुत कम दुकानें हैं। इन प्रॉडक्ट्स को बाजार में आसानी से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। दक्षिण भारत में आसानी से उपलब्ध होने के कारण सोलर प्रॉडक्ट्स का खूब इस्तेमाल हो रहा है।
- अमित कुमार, निदेशक (ऊर्जा-पर्यावरण तकनीकी विकास विभाग) द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टिट्यूट

बिजली न गिरे, इसलिए करें बचत
बिजली से चलने वाले तमाम उपकरणों का हम इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में बिजली का बिल भी बेतहाशा बढ़ता जा रहा है। लेकिन ऐसे कुछ टिप्स हैं जिनके जरिए आप न बिजली की बचत कर अपना बिल कम कर सकते हैं। पूरी जानकारी दे रहे हैं राकेश कुमार झा

एसी
- एसी चलाने के लिए थर्मोस्टेट का ख्याल रखें। थर्मोस्टेट टेंपरेचर कंट्रोल करता है। इसे रिमोट से सेट किया जाता है। एसी के साथ पंखे का इस्तेमाल करें। ऐसे में आप उसका थर्मोस्टेट 20 से 25 के बीच सेट कर बिजली बचा सकते हैं।
- टेंपरेचर सेट करने के बाद जैसे ही कमरा ठंडा हो जाता है, वैसे ही एसी में ऑटो कट लग जाता है।
- एयर फिल्टर की सफाई जरूरी है। सफाई हर 15 दिन में करते रहें। इससे कूलिंग बेहतर तरीके से होती है।
- कमरा एयर टाइट होना चाहिए। अगर कमरा गर्म है, तो पहले दरवाजे, विंडो खोलकर पंखा चलाएं, फिर एसी ऑन करें। इससे काफी मात्रा में बिल की बचत की जा सकती है।
- एसी चलाने के बाद बार-बार दरवाजा न खोलें। अगर कुछ देर के लिए कमरे से बाहर जाना हो तो एसी को बंद न करें। बार-बार ऑन करने से भी बिजली ज्यादा खर्च होती है।
- तड़के 4 से 5 के बीच एसी बंद कर दें। सिर्फ पंखे से आपका काम चल जाएगा। कोशिश करें कि रिमोट से टाइमर सेट कर दें, ऐसे में आपको एसी बंद करने के लिए उठना नहीं पड़ेगा।

बल्ब
- सबसे बड़ा एनर्जी सेविंग डिवाइस घर या ऑफिस में लगे बल्ब होते हैं।
- पुराने बल्ब की जगह नया सीएफएल या एलईडी का प्रयोग करें, जो काम 60 वॉट वाला बल्ब करेगा, वही काम 15 वॉट का सीएफएल करेगा।
- इससे भी ज्यादा किफायती एलईडी लाइट है। हालांकि यह काफी महंगा है। अच्छी बात यह है कि इसकी लाइफ लंबी होती है और बिजली की खपत भी काफी कम मात्रा में होती है।
- 15 वॉट के नाइट लैंप की जगह अगर एलईडी लाइट का इस्तेमाल करें।
- डिस्पोजल के वक्त सीएफएल लाइट में मरकरी ज्यादा होती है, एलईडी लाइट में इसकी मात्रा कम होती है। ऐसे में डिस्पोजल के वक्त पल्यूशन भी कम होगा।
- सीएफएल लाइटों की सफाई जरूरी होती है, जिससे रोशनी पूरी मिलती रहे।
- घर का रंग-रोगन हल्के कलर से कराएं, इससे लाइट का रिफ्लेक्शन होता है और कम ऊर्जा खपत में भी घर काफी रौशन दिखता है।

फ्रिज
- गर्म चीजों को सीधे फ्रिज में रखने से बचें। पहले उन्हें रूम टेंपरेचर पर आने दें।
- फ्रिज के रेग्युलेटर को कभी भी हाई पर अजस्ट करके न रखें, इससे भी बिजली की खपत ज्यादा मात्रा में होती है।
- फ्रिज में ठूंस-ठूंसकर सामान न भरें।
- फ्रिज का दरवाजा बार-बार न खोलें और कम-से-कम देर के लिए खुला रखें।
- ऑटो डीफ्रॉस्ट वाले फ्रिज में एनर्जी की ज्यादा खपत होती है। वक्त-वक्त पर मैनुअल डीफ्रॉस्ट करने से बिजली की खपत कम होती है और फ्रिज भी बेहतर काम करता है।

मिक्सर-ग्राइंडर
- मिक्सर-ग्राइंडर को पूरी तरह भरकर न चलाएं।
- थोड़ा-थोड़ा करके पीसें।
- एक ही साथ काफी वक्त तक चलाने से बचें, इससे मोटर जलने का भी खतरा रहता है।
- बुश आदि की सफाई और उसकी चेकिंग करते रहें।

वॉशिंग मशीन
- कपड़े धोने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल न करें।
- आजकल के वॉशिंग पाउडरों के लिए गर्म पानी होना जरूरी नहीं।
- कपड़े वॉशिंग मशीन के ड्रायर में न सुखा कर खुली हवा में सुखाएं।

टीवी
- पुराने टीवी की जगह नई एलसीडी या एलईडी खरीदें।
- इससे न केवल बेहतर क्वॉलिटी का पिक्चर मिलेगा, बल्कि बिजली बिल में भी बड़ी बचत होगी।
- आमतौर पर यदि पुराने टीवी का बिल 100 रुपये आता है, तो नई एलसीडी या एलईडी का बिल 40 से 60 रुपये ही आएगा।
- टीवी को रिमोट से बंद करके स्टैंड बाय में न छोड़ें। उसे स्विच से बंद कर दें। ऐसा न करने से लगातार टीवी में बिजली का खर्च होता रहता है। छोटी-सी सावधानी बरत कर आप बड़ी बचत कर सकते हैं।

क्या है स्टार रेटिंग का मतलब
- ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशंसी की ओर से स्टार रेटिंग दी जाती है।
- 1 से लेकर 5 तक स्टार दिया जाता है। एनर्जी खपत के हिसाब से इसको कैटगराइज किया गया है।
- स्टार लेबलिंग रेफ्रिजरेटर, एसी और ट्यूबलर फ्लॉरसेंट लाइट और ट्रांसफॉर्मर के लिए जरूरी होता है।
- एक अनुमान के हिसाब से 5 स्टार वाले एसी में सबसे कम बिजली कन्ज्यूम होती है।
- भारत में स्टार रेटिंग 1 से शुरू होकर 5 तक है।

इसे यूं समझें :
1 स्टार वाला एसी, फ्रिज या टीवी ज्यादा बिजली की खपत करता है।
2 स्टार में इससे कम
3 स्टार में इससे भी कम
4 स्टार वाले में स्टार 3 से भी कम और
5 स्टार वाले में सबसे कम बिजली की खपत होती है।

मिसाल के तौर पर यदि 1 स्टार वाला एसी अगर एक दिन में 10 यूनिट बिजली कन्ज्यूम करता है, तो 5 स्टार वाला मशीन 3.5 से 4 यूनिट बिजली ही खपत करता है। अगर एक स्टार वाले एसी का बिल 100 रुपये आता है, तो 5 स्टार वाले में सिर्फ 69 रुपये का आता है। जाहिर है स्टार रेटिंग वाला उपकरण आपकी जेब को ढीली नहीं होने देता। भारत में औसतन एक एसी आठ घंटे तक चलता है। साल में औसतन 150 से 200 दिन लोग ऐसी का इस्तेमाल करते हैं।

कुछ कॉमन टिप्स
एनर्जी सेविंग एक्सपर्ट रविंदर वत्स के मुताबिक :
-घर और ऑफिस में जरूरत न होने पर बिजली के तमाम उपकरण बंद कर दें।
- टीवी, कंप्यूटर और एसी को रिमोट से बंद करने के बाद उसके स्विच से भी बंद करना न भूलें।
- सिर्फ रिमोट से बंद करने के बाद भी टीवी का पिक्चर ट्यूब ऑन ही रहता है। ऐसे में बिजली की सप्लाई लगातार होती ही रहती है।
- स्टैंड बाय मोड से बंद करने से बचें।
- स्टार रेटिंग वाला उपकरण खरीदने से बिजली की काफी बचत होती है।
- लैपटॉप, सेलफोन और डिजिटल कैमरों की बैटरी का चार्जर भी बोर्ड से स्विच ऑफ करें। इससे बड़ी मात्रा में पावर को सेव किया जा सकता है।
- घर के दरवाजे और खिड़कियों को खुला रखने से रौशनी अंदर आती है, तब आप फालतू ट्यूब और बल्ब बंद कर सकते हैं।
- एसी, कूलर के आगे कोई भी फर्नीचर न रखें।
- जब सब एकसाथ बैठे हों तो दूसरी जगहों की लाइट, पंखे और एसी बंद कर दें। एकसाथ बैठकर ही टीवी आदि का लुत्फ उठाएं।

7 comments:

  1. बहुत अच्छी जानकारी बताई

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  2. Very good pl let me where we purchase solar inverter in risen able rater name of manufacturing company

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  3. sir/mem me electronics engineering ki study kar rha hu aesi post achhi lagti hai

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  4. बहुत अच्छी जानकारी बताई

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  5. बहुत अच्छी जानकारी बताई

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  6. बहुत अच्छी जानकारी बताई

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