Saturday, 7 September 2013

अब 3डी प्रिंटर से निकलेंगे मानव-अंग

ब्रिटेन के वैानिकों ने ऐसा 3डी प्रिंटर बनाने में कामयाबी हासिल की है, जो सिर्फ एक बटन दबाते ही प्रत्यारोपण के लिए मानव अंग तैयार कर देगा। प्रिंटर के एक सिरे में बस जरूरी कोशिकाएं व अन्य चीजें डालनी होंगी और यह उन्हें व्यवस्थित कर मानव अंग में तब्दील कर देगा। वैानिकों के अनुसार, प्रिंटर का नोकदार सिरा (नोजल हेड) इस काम को अंजाम देगा। इस नोजल हेड को विस्टा 3डी नाम दिया गया है। यह नोजल हेड पतली से पतली चीजों को एक-दूसरे से पूरी सटीकता से जोड़ देगा। इससे खिलौने, मेडिकल उपकरण, हवाई जहाज के पुर्जे और इंसान के शरीर में प्रत्यारोपण के लिए अंग तैयार किए जा सकेंगे। मेलबर्न टीटीपी कंपनी के प्रबंध निदेशक सैम हाइड ने इस आविष्कार को उत्साहजनक करार दिया। कैम्ब्रिज न्यूज से बातचीत के दौरान हाइड ने बताया कि पांच से 10 वर्षो में प्रिंटर से मानव शरीर के लिए अंग तैयार होने लगेंगे। उन्होंने बताया कि प्रिंटर में जरूरी कोशिकाएं डालने के बाद उन्हें सही अवस्था में रखने की जरूरत होती है ताकि उन्हें किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। इस काम को बहुत बारीकी से अंजाम देना होता है। 3डी प्रिंटर यही काम करेगा। हाइड ने बताया कि शुरुआत में प्रिंटर से आसान ढांचे वाले अंग तैयार किए जाएंगे और फिर धीरे-धीरे इससे जटिल अंग बनाए जाएंगे। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में चिकित्सा उपकरणों के विशेषा डा. सीन चेंग ने कहा कि इस प्रिंटर के सहारे मानव अंगों के बनने से हर साल लाखों लोगों की जिंदगी बचाई जा सकेगी। हालांकि इस तकनीक के इस्तेमाल से पहले अभी कुछ जरूरी चरण पूरे होने बाकी हैं। नोजल को फिलहाल एक 2डी प्रिंटर से जोड़ा गया है। इसे 3डी प्रिंटर से जोड़ने में अभी दो साल का वक्त लग सकता है।लंदन, प्रेट्र : ब्रिटेन के वैानिकों ने ऐसा 3डी प्रिंटर बनाने में कामयाबी हासिल की है, जो सिर्फ एक बटन दबाते ही प्रत्यारोपण के लिए मानव अंग तैयार कर देगा। प्रिंटर के एक सिरे में बस जरूरी कोशिकाएं व अन्य चीजें डालनी होंगी और यह उन्हें व्यवस्थित कर मानव अंग में तब्दील कर देगा। वैानिकों के अनुसार, प्रिंटर का नोकदार सिरा (नोजल हेड) इस काम को अंजाम देगा। इस नोजल हेड को विस्टा 3डी नाम दिया गया है। यह नोजल हेड पतली से पतली चीजों को एक-दूसरे से पूरी सटीकता से जोड़ देगा। इससे खिलौने, मेडिकल उपकरण, हवाई जहाज के पुर्जे और इंसान के शरीर में प्रत्यारोपण के लिए अंग तैयार किए जा सकेंगे। मेलबर्न टीटीपी कंपनी के प्रबंध निदेशक सैम हाइड ने इस आविष्कार को उत्साहजनक करार दिया। कैम्ब्रिज न्यूज से बातचीत के दौरान हाइड ने बताया कि पांच से 10 वर्षो में प्रिंटर से मानव शरीर के लिए अंग तैयार होने लगेंगे। उन्होंने बताया कि प्रिंटर में जरूरी कोशिकाएं डालने के बाद उन्हें सही अवस्था में रखने की जरूरत होती है ताकि उन्हें किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। इस काम को बहुत बारीकी से अंजाम देना होता है। 3डी प्रिंटर यही काम करेगा। हाइड ने बताया कि शुरुआत में प्रिंटर से आसान ढांचे वाले अंग तैयार किए जाएंगे और फिर धीरे-धीरे इससे जटिल अंग बनाए जाएंगे। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में चिकित्सा उपकरणों के विशेषा डा. सीन चेंग ने कहा कि इस प्रिंटर के सहारे मानव अंगों के बनने से हर साल लाखों लोगों की जिंदगी बचाई जा सकेगी। हालांकि इस तकनीक के इस्तेमाल से पहले अभी कुछ जरूरी चरण पूरे होने बाकी हैं। नोजल को फिलहाल एक 2डी प्रिंटर से जोड़ा गया है। इसे 3डी प्रिंटर से जोड़ने में अभी दो साल का वक्त लग सकता है।


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