Thursday, 30 August 2012

पृथ्वी और जीवन के उपजने के नये रहस्य

दो भारतीय मूल के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने पृथ्वी और जीवन के उपजने के नये रहस्य को खोज निकाला है. अभी तक माना जाता था कि फ़ोर्मोस अभिक्रिया से ही पृथ्वी पर जीवन को अंजाम देने में सहायक ग्लूकोज पैदा हआ था.
पर, अब स्क्रिप्स शोध संस्थान के वासु सागी और रामनारायण कृष्णमूर्ति ने कहा है कि उनको इस अभिक्रिया के अलावा एक और रास्ता मिला है, जिससे शुगर को जन्म मिला होगा. जर्नल ऑफ़ द अमेरिकन केमिकल सोसाइटी में प्रकाशित रिपोर्ट में इस अभिक्रिया को ग्लयोजाइलेट सेनेरियो नाम दिया गया है.
वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि कार्बन मोनोऑक्साइड की मौजूदगी में ग्लयोजाइलेट तत्व पैदा हआ होगा. सागी और उनकी टीम ने इस परीक्षण को अंजाम देना शुरू किया और पाया कि पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व से पहले मौजूद तत्वों के संपर्क में आने से हई अभिक्रिया से कुछ रसायन बने. इनमें से प्रमुख रसायन को फ़ोर्मेलडिहाइड कहा जाता है.
इसी फ़ोर्मेलडिहाइड से एक तरह का ग्लूकोज तत्व पैदा हआ, जिसे कीटोसेस कहा गया. कीटोसेस से ही डीएनए और आरएनए जैसे तत्वों का जन्म हुआ, जो जीवन के आधार बने. इस परीक्षण और शोध को अहम इसलिए भी माना जा रहा है कि पहले की फ़ोर्मोस अभिक्रिया के मुकाबले डीएनए और आरएनए उत्पादन में इसकी क्षमता ज्यादा है.


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