Friday, 21 August 2015

इसरो का ‘भुवन’

इसरो का भुवनतैयार करेगा पांच सौ शहरों के नक्शे
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन  (इसरो) अपने जीआईएस टूल भुवन के जरिये देश के पांच सौ से अधिक महानगरों एवं शहरों के नक्शे तैयार करेगा। इसके लिए उसने शहरी विकास मंत्रालय से हाथ मिलाया है। हाल में दोनों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसका मकसद बेहतर नियोजन एवं प्रबंधन को लेकर एक आधार योजना बनाना है। इसरो ने सरकारी कार्यक्रमों में भुवन के बढ़ते इस्तेमाल तथा इसमें जोड़ी गई नई सुविधाओं की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। इस मौके पर प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डा. जितेन्द्र सिंह भी मौजूद थे।इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर के निदेशक वी.के. डडवाल ने बताया कि यह आधार योजना नगर योजनाकर्ताओं को तेजी से शहरीकृत होते कई स्थानीय निकायों के लिए एक मास्टर प्लान तैयार करने में मदद करेगा। यह मैपिंग फिलहाल एक लाख से अधिक आबादी वाले स्थानीय निकायों के लिए की जा रही है। परियोजना अगले महीने पूरी होगी।उन्होंने कहा कि 4,041 से अधिक इलाकों के विकास के लिए शहरी विकास मंत्रालय के साथ समझौता किया है। इसमें करीब 500 शहरी स्थानीय निकाय शामिल हैं। इन नगरों और शहरों का नक्शा तैयार करने के बाद एक आधार योजना तैयार कर सकते हैं। यह नगरीय योजनाकर्ताओं को एक बेहतर मास्टर प्लान तैयार करने में मदद करेगा।उन्होंने बताया कि करीब 2500 से अधिक नगर योजनाकर्ताओं को इससे जोड़ा गया है और आधार योजना के उपयोग के बारे में उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। इसरो धरोहर स्थलों एवं राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों का नक्शा और प्रबंधन योजना भी मुहैया करेगा। डडवाल ने इस बात का जिक्र किया कि इसरो भुवन एप्लीकेशन सर्विसेज के तहत कार्यों में विविधता लाया है जैसे कि 300 से अधिक शहरों के लिए एक मीटर के उपग्रहीय चित्र और थ्रीडी सिटी मॉडयूल। ये सरकार के स्मार्ट सिटी कार्यक्रम के लिए भी उपयोगी औजार होगा।

इस मौके पर सिंह ने कहा कि भुवन की परिकल्पना भारत के गुगल के तौर पर की गई है। यदि भारत के बारे में कोई भी जानकारी लेनी हो तो वह इस पोर्टल पर उपलब्ध है। इस पोर्टल की मदद से आपदा प्रबंधन के कार्य में भी मदद ली जा रही है। इसमें सभी सरकारी महकमों को जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। भुवन छह साल पहले शुरू किया गया था।

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