Monday, 25 June 2012

दिल्ली और मुंबई को सबसे पहले मिलेगा मिसाइल रक्षा कवच

हवाई खतरों की बढ़ती आशंका को देखते हुए देश के दो सबसे अहम महानगरों दिल्ली और मुंबई को बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा कवच प्रणाली (बीएमडी) से जोड़ने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का यह प्रयोग सफल रहा तो देश के अन्य प्रमुख शहरों को भी मिसाइल रक्षा कवच मिल जाएगा। फिलहाल इस प्रणाली को लगाने के लिए सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की मंजूरी का इंतजार है। डीआरडीओ ने इस दिशा में पहला परीक्षण 2006 में किया था। सूत्रों के मुताबिक इन दोनों शहरों को बीएमडी प्रणाली से लैस करने के लिए रणनीतिक स्तर पर योजना बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस परियोजना का विश्लेषण करने के बाद तैयार प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए सरकार के समक्ष रखा जाएगा। योजना के स्तर पर दुश्मन के मिसाइल को टै्रक करने के लिए रडार लगाने और जवाबी हमले करने की रूपरेखा तय की जाएगी। इसके तहत जवाबी हमले के लिए बैलिस्टिक मिसाइल तैनात किए जाएंगे जो दुश्मनों की मिसाइल को नष्ट करने में सक्षम होंगे। अमेरिका, रूस और इजरायल के बाद इस प्रणाली से लैस होने वाला भारत विश्व का चौथा देश बन जाएगा। इस प्रणाली के तहत लगाए जाने वाले बैलिस्टिक मिसाइल की मारक क्षमता दो हजार किलोमीटर तक की है। 2016 तक इसे पांच हजार किमी तक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सूत्रों ने बताया कि बीएमडी प्रणाली में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के लिए ऑटोमेटिक ट्रैकिंग उपकरण लगाए गए हैं। इसके तहत दुश्मन मिसाइल पर हमला करने के लिए मानवीय रूप से कमांड देने की जरूरत नहीं होगी। मानवीय हस्तक्षेप तभी किया जाएगा जब किसी कार्रवाई या जवाबी हमले को स्थगित करना हो।(Dainik Jagran)

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