Thursday, 17 May 2012

निचले पायदान पर उच्चशिक्षा

भारत हर क्षेत्र में विकास कर रहा है। मोबाइल फोन और फेसबुक यूजर्स के मामले में भी यह दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शुमार है। लेकिन उच्च शिक्षा में फिसड्डी है। उच्च शिक्षा पर ‘यूनिवर्सिटास 21’ के सर्वे में भारत को ब्रिक्स देशों से भी नीचे 48वें पायदान, जबकि अमेरिका शीर्ष पर है।
दुनिया के 21 विश्वविद्यालयों के समूह ‘यूनिवर्सिटास 21’ ने सर्वे में चार मुद्दों संसाधन, वातावरण, जुड़ाव (कनेक्टिविटी) और आउटपुट को शामिल किया। संसाधन के तहत देश में उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध फंड को मानक माना गया, जो केंद्र व राज्य सरकारों तथा संगठनों द्वारा मुहैया कराए गए। इसमें हर छात्र पर होने वाले खर्च के अलावा यह भी देखा गया कि सरकार उच्च शिक्षा पर जीडीपी का कितना फीसदी धन मुहैया कराती है। वहीं, वातावरण के तहत उच्च शिक्षा में महिलाओं की तादाद, विश्वविद्यालयों और संस्थाओं में महिला शिक्षकों की प्रतिशतता और उच्च शिक्षा दे रहे विश्वविद्यालयों व संस्थाओं के अन्य देशों से जुड़ाव को मानक माना गया।

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