Monday, 3 September 2012

एक खुराक में मलेरिया खत्म

आज पूरी दुनिया में 3.3 अरब आबादी मलेरिया का शिकार है. विश्वब स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अप्रैल, 2012 के आंकड़ों में यह बात कही गयी है. डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक, मलेरिया से सबसे अधिक पांच साल से कम उम्र के बो पीड़ित है. मलेरिया को लेकर पिछले दिनों एक खबर यह भी थी कि यह दवा प्रतिरोधी बीमारी की शक्ल अख्तियार करता जा रहा है. इस कारण चिकित्सा वैज्ञानिकों ने इसके इलाज को लेकर अपने शोध कायरें में काफी तेजी का संकेत दिया था. अब इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए वैज्ञानिकों का कहना है कि वे एक ऐसी दवा विकसित करने के काफी करीब है, जिसी एक खुराक से सभी तरह के मलेरिया का इलाज किया जा सकता है. दरअसल, केपटाउन विश्वएविद्यालय की शोध टीम ने एक ऐसे यौगिक की खोज की है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में मलेरिया के जीवाणुओं के संक्रमण को ब्लॉक कर देगा. इस यौगिक का नाम एमएमवी-390048 रखा गया है. गौरतलब है कि मलेरिया की रोकथाम के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा केवल छोटी अवधि के लिए ही कारगर होती है. इन दवाओं के इस्तेमाल के बाद मलेरिया दवा प्रतिरोधी बन जाता है. केपटाउन विश्वाविद्यालय के प्रोफेसर केली शिबल ने अपने प्रयोग के बाद बताया कि जब उन्होंने नये यौगिक का इस्तेमाल मलेरिया के लिए उत्तरदायी परजीवी पर किया, तो वह तुरंत मर गया. प्रोफेसर केली का कहना है कि यह दवा अभी ट्रायल की प्रक्रिया से गुजर रही है और अगले 18 महीने के बाद बाजार में उपलब्ध हो सकती है.

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